दो पवित्र मस्जिदों के धार्मिक मामलों के प्रेसीडेंसी ने उमराह सीजन के दौरान उमराह करने वालों के लिए अपनी डिजिटल सेवाओं को उन्नत किया है। सूचनाओं और सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाने के लिए कई भाषाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों और डिजिटल समाधानों को तैनात किया गया है।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने 10 अगस्त 2026 को बताया, प्रेसीडेंसी द्वारा तैनात तकनीकी समाधानों में स्मार्ट रोबोट शामिल है। यह रोबोट मार्गदर्शन, स्थानों और सेवाओं की जानकारी, धार्मिक सामग्री और कई भाषाओं में रीयल-टाइम अनुवाद जैसी इंटरैक्टिव सेवाएं प्रदान करता है।
इन सेवाओं का उद्देश्य उमराह करने वालों के साथ संचार को बेहतर बनाना और ग्रैंड मस्जिद और पैगंबर की मस्जिद में आने वाले आगंतुकों की बढ़ती संख्या को समायोजित करना है। यह पहल दो पवित्र मस्जिदों में डिजिटल धार्मिक सेवा पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने के प्रयासों का हिस्सा है।
विज्ञप्ति में तैनात रोबोटों की कुल संख्या या विशिष्ट भाषाओं की सूची नहीं दी गई है।
उमराह सीजन के लिए कौन-सी तकनीकें तैनात की गई हैं? धार्मिक मामलों के प्रेसीडेंसी ने जागरूकता और मार्गदर्शन सेवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों और डिजिटल समाधानों का उपयोग किया है। इसमें कई भाषाओं में सूचनाएं प्रदान करने की सुविधा शामिल है।
स्मार्ट रोबोट आगंतुकों की कैसे मदद करता है? स्मार्ट रोबोट मार्गदर्शन, स्थानों और सेवाओं की जानकारी, धार्मिक सामग्री और रीयल-टाइम अनुवाद जैसी इंटरैक्टिव सेवाएं प्रदान करता है। यह आगंतुकों के लिए धार्मिक जानकारी तक पहुंच को आसान बनाता है।
इन डिजिटल सेवाओं का मुख्य उद्देश्य क्या है? इनका उद्देश्य सेवा दक्षता में सुधार करना और आगंतुकों के धार्मिक और शैक्षिक अनुभव को समृद्ध करना है। यह ग्रैंड मस्जिद और पैगंबर की मस्जिद में आने वाले लोगों की बढ़ती संख्या को संभालने में मदद करता है।