Monday, November 2, 2026
सऊदी समाचार

शूरा काउंसिल ने नौवें सत्र के दूसरे वर्ष की विधायी, निगरानी और कूटनीतिक उपलब्धियाँ गिनाईं

शूरा काउंसिल ने नौवें सत्र के दूसरे वर्ष की विधायी, निगरानी और कूटनीतिक उपलब्धियाँ गिनाईं

रियाद में शूरा काउंसिल ने अपने नौवें सत्र के तीसरे वर्ष के उद्घाटन के अवसर पर पिछले एक वर्ष की विधायी, निगरानी और कूटनीतिक उपलब्धियों को रेखांकित किया। काउंसिल ने बताया कि उसने 46 साधारण सत्र आयोजित किए, जिनमें 96 घंटे से अधिक विचार-विमर्श हुआ और सदस्यों की 1,461 हस्तक्षेप दर्ज हुईं। इस अवधि में काउंसिल ने 555 संकल्प जारी किए और 376 विशेष समिति बैठकें कीं।

जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, यह समीक्षा कल दिए गए शाही संबोधन के संदर्भ में सामने आई, जो कस्टोडियन ऑफ द टू होली मस्जिद किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद की ओर से क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री महामहिम प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद ने किया था। एसपीए के अनुसार यह संबोधन नौवें सत्र के तीसरे वर्ष के उद्घाटन पर दिया गया।

काउंसिल ने 331 सरकारी अधिकारियों की मेजबानी की, जिनसे संस्थागत प्रदर्शन पर चर्चा हुई। इसके अलावा 135 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संसदीय कूटनीति गतिविधियों में भागीदारी दर्ज की गई। विधायी कार्यों में काउंसिल ने 82 कानूनों और विनियमों की समीक्षा की तथा शूरा काउंसिल कानून की धारा 23 के तहत प्रस्तुत 13 प्रस्तावों पर विचार किया।

क्या संसदीय कूटनीति की 135 गतिविधियाँ सऊदी अरब के बाहरी संबंधों में नई गति जोड़ती हैं? यह सवाल इसलिए उठता है क्योंकि काउंसिल ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों मंचों पर यह भागीदारी दर्ज की है।

सरकारी प्रदर्शन और संस्थागत विकास

सरकारी प्रदर्शन और संस्थागत विकास के क्षेत्र में काउंसिल ने नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मेंस मेजरमेंट (अदा) से रणनीतिक प्रभाव संकेतक स्थापित करने, एजेंसियों के लक्ष्यों का आकलन करने और सार्वजनिक प्रदर्शन पर वार्षिक मंच आयोजित करने का आग्रह किया। यह निर्देश संस्थागत जवाबदेही को मापने की दिशा में एक कदम है।

क्या प्रदर्शन संकेतक सरकारी एजेंसियों के काम को अधिक पारदर्शी बनाएंगे? काउंसिल ने अदा से यही अपेक्षा जताई है।

मंत्रालयों को भेजे गए संकल्पों में मंत्रालय ऑफ इस्लामिक अफेयर्स, दावा एंड गाइडेंस तथा जनरल प्रेसीडेंसी ऑफ इस्लामिक रिसर्च एंड इफ्ता से कहा गया कि वे डिजिटल आर्काइविंग अपनाएँ, परिचालन केपीआई तय करें, गैर-लाभकारी क्षेत्र को शामिल करें और रमजान के दौरान इमामों की अंतरराष्ट्रीय भेजने की प्रक्रिया का विस्तार करें ताकि मॉडरेशन को बढ़ावा मिले।

क्या रमजान में इमामों की विदेशी तैनाती का विस्तार धार्मिक कूटनीति का हिस्सा बनेगा? सूत्र के अनुसार काउंसिल ने इसे मॉडरेशन से जोड़कर देखा है।

आर्थिक, व्यापार और ऊर्जा क्षेत्रों में काउंसिल ने वाणिज्य मंत्रालय को निर्देश दिया कि स्टार्टअप प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए, इलेक्ट्रॉनिक भुगतान विधियों की व्यापक स्वीकार्यता अनिवार्य की जाए तथा वैट के स्पष्ट प्रदर्शन और उपभोक्ता विवाद तंत्र को लागू किया जाए।

क्या इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की अनिवार्य स्वीकार्यता छोटे व्यापारियों के लिए आसानी लाएगी? काउंसिल ने उपभोक्ता विवाद तंत्र के साथ इस दिशा में निर्देश दिए हैं।

ऊर्जा मंत्रालय को दिए निर्देशों में कहा गया कि नवीकरणीय और पारंपरिक ऊर्जा क्षमताओं के बीच संतुलन बनाया जाए, बिजली ग्रिड को उच्च घनत्व वाले डेटा सेंटरों के लिए तैयार किया जाए, ग्रीन हाइड्रोजन की मांग का आकलन किया जाए और औद्योगिक शहरों के लिए गैस आपूर्ति परियोजनाओं को तेज किया जाए।

क्या डेटा सेंटरों की बढ़ती मांग बिजली ग्रिड पर दबाव डालेगी? काउंसिल ने ग्रिड को इसी चुनौती के लिए तैयार करने पर जोर दिया है।

एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार काउंसिल ने पिछले वर्ष के दौरान ये विधायी, निगरानी और कूटनीतिक गतिविधियाँ पूरी कीं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि काउंसिल ने 46 साधारण सत्रों में 96 घंटे से अधिक विचार-विमर्श किया और सदस्यों की 1,461 हस्तक्षेप दर्ज हुईं।

क्या 1,461 सदस्यीय हस्तक्षेप विधायी प्रक्रिया में जनता की आवाज़ को अधिक मुखर बनाते हैं? यह आँकड़ा काउंसिल की कार्यप्रणाली की तीव्रता दर्शाता है।

काउंसिल ने 555 संकल्प जारी किए और 376 विशेष समिति बैठकें कीं। इसके अलावा 331 सरकारी अधिकारियों को आमंत्रित किया गया, जिनसे संस्थागत प्रदर्शन पर चर्चा हुई। यह संवाद प्रक्रिया निगरानी भूमिका का हिस्सा मानी जा रही है।

विधायी पक्ष पर काउंसिल ने 82 कानूनों और विनियमों की समीक्षा की तथा शूरा काउंसिल कानून की धारा 23 के तहत 13 प्रस्तावों पर विचार किया। धारा 23 के तहत आने वाले प्रस्ताव सदस्यों की विधायी पहल को दर्शाते हैं।

क्या धारा 23 के तहत 13 प्रस्ताव विधायी प्रक्रिया में सदस्यों की भूमिका बढ़ाते हैं? सूत्र के अनुसार इन प्रस्तावों की समीक्षा की गई।

संसदीय कूटनीति के क्षेत्र में 135 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों में भागीदारी दर्ज हुई। यह आँकड़ा काउंसिल के बाहरी संवाद के दायरे को दिखाता है।

आर्थिक निर्देशों में वाणिज्य मंत्रालय को स्टार्टअप प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, इलेक्ट्रॉनिक भुगतान विधियों की व्यापक स्वीकार्यता अनिवार्य करने तथा वैट के स्पष्ट प्रदर्शन और उपभोक्ता विवाद तंत्र को लागू करने के लिए कहा गया। ये निर्देश उपभोक्ता संरक्षण और व्यापार सुगमता से जुड़े हैं।

क्या वैट का स्पष्ट प्रदर्शन उपभोक्ताओं और व्यापारियों के बीच भरोसा बढ़ाएगा? काउंसिल ने विवाद तंत्र के साथ इस पर बल दिया है।

ऊर्जा क्षेत्र में मंत्रालय को नवीकरणीय और पारंपरिक क्षमताओं के संतुलन, उच्च घनत्व वाले डेटा सेंटरों के लिए ग्रिड की तैयारी, ग्रीन हाइड्रोजन मांग के आकलन तथा औद्योगिक शहरों के लिए गैस आपूर्ति परियोजनाओं को तेज करने के निर्देश दिए गए।

क्या ग्रीन हाइड्रोजन की मांग का आकलन भविष्य की ऊर्जा नीति को दिशा देगा? सूत्र में इसे ऊर्जा मंत्रालय के निर्देशों का हिस्सा बताया गया है।

इस्लामिक मामलों से जुड़े निर्देशों में डिजिटल आर्काइविंग, परिचालन केपीआई, गैर-लाभकारी क्षेत्र की भागीदारी और रमजान में इमामों की अंतरराष्ट्रीय तैनाती का विस्तार शामिल है। इनका उद्देश्य मॉडरेशन को बढ़ावा देना बताया गया।

क्या गैर-लाभकारी क्षेत्र की भागीदारी धार्मिक संस्थानों के काम को व्यापक बनाएगी? काउंसिल ने इसे संकल्पों में शामिल किया है।

एसपीए की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ये उपलब्धियाँ नेतृत्व के समर्थन से हासिल हुईं। काउंसिल ने 46 साधारण सत्र, 96 घंटे से अधिक विचार-विमर्श, 1,461 हस्तक्षेप, 555 संकल्प, 376 समिति बैठकें, 331 अधिकारियों की मेजबानी और 135 संसदीय कूटनीति गतिविधियाँ दर्ज कीं।

क्या 376 विशेष समिति बैठकें विधायी काम की गहराई को दर्शाती हैं? यह संख्या समिति प्रणाली की सक्रियता बताती है।

विधायी समीक्षा में 82 कानून और विनियम तथा धारा 23 के तहत 13 प्रस्ताव शामिल रहे। सरकारी प्रदर्शन पर अदा को रणनीतिक प्रभाव संकेतक, एजेंसी लक्ष्यों का आकलन और वार्षिक मंच आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

क्या वार्षिक सार्वजनिक प्रदर्शन मंच जवाबदेही की संस्कृति बनाएगा? काउंसिल ने अदा से यही आग्रह किया है।

वाणिज्य मंत्रालय को स्टार्टअप प्रक्रियाओं को सरल बनाने, इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की व्यापक स्वीकार्यता अनिवार्य करने और वैट प्रदर्शन तथा उपभोक्ता विवाद तंत्र लागू करने के निर्देश दिए गए। ऊर्जा मंत्रालय को संतुलित क्षमता, डेटा सेंटर के लिए ग्रिड तैयारी, ग्रीन हाइड्रोजन मांग आकलन और औद्योगिक शहरों के लिए गैस आपूर्ति परियोजनाओं की गति बढ़ाने के निर्देश मिले।

क्या औद्योगिक शहरों के लिए गैस आपूर्ति परियोजनाओं में तेजी उत्पादन लागत को प्रभावित करेगी? सूत्र में इसे ऊर्जा निर्देशों का हिस्सा कहा गया है।

इस्लामिक अफेयर्स और इफ्ता से जुड़े संकल्पों में डिजिटल आर्काइविंग, परिचालन केपीआई, गैर-लाभकारी क्षेत्र की भागीदारी और रमजान में इमामों की अंतरराष्ट्रीय तैनाती का विस्तार शामिल है। इन सबका संबंध मॉडरेशन को बढ़ावा देने से जोड़ा गया है।

एसपीए की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि इन संकल्पों और निर्देशों के क्रियान्वयन की समय-सीमा क्या है, न ही यह कि किन संकेतकों के आधार पर प्रगति मापी जाएगी। रिपोर्ट में यह भी नहीं है कि 135 संसदीय कूटनीति गतिविधियों में कौन-कौन से देश या संसदें शामिल थीं। इसी तरह, 82 कानूनों और विनियमों की सूची या धारा 23 के तहत आने वाले 13 प्रस्तावों का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया।

शूरा काउंसिल ने पिछले वर्ष कितने साधारण सत्र और विचार-विमर्श घंटे दर्ज किए? एसपीए के अनुसार काउंसिल ने 46 साधारण सत्र आयोजित किए, जिनमें 96 घंटे से अधिक विचार-विमर्श हुआ। सदस्यों की 1,461 हस्तक्षेप दर्ज हुईं। यह आँकड़ा नौवें सत्र के दूसरे वर्ष की समीक्षा में शूरा काउंसिल ने स्वयं बताया। रिपोर्ट में सत्रों की अवधि या हस्तक्षेपों का विषय-वार ब्यौरा नहीं दिया गया।

काउंसिल ने कितने संकल्प जारी किए और कितनी समिति बैठकें हुईं? काउंसिल ने 555 संकल्प जारी किए और 376 विशेष समिति बैठकें कीं। इसके अलावा 331 सरकारी अधिकारियों की मेजबानी की गई, जिनसे संस्थागत प्रदर्शन पर चर्चा हुई। ये आँकड़े एसपीए की रिपोर्ट में दर्ज हैं। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि इन संकल्पों में से कितने क्रियान्वित हुए या समिति बैठकों के एजेंडे क्या रहे।

विधायी समीक्षा में कितने कानून और प्रस्ताव शामिल थे? काउंसिल ने 82 कानूनों और विनियमों की समीक्षा की तथा शूरा काउंसिल कानून की धारा 23 के तहत प्रस्तुत 13 प्रस्तावों पर विचार किया। धारा 23 के तहत आने वाले प्रस्ताव सदस्यों की विधायी पहल को दर्शाते हैं। एसपीए की रिपोर्ट में इन कानूनों या प्रस्तावों की सूची और उनकी स्थिति का विवरण नहीं दिया गया।

सरकारी प्रदर्शन के लिए अदा को क्या निर्देश दिए गए? काउंसिल ने नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मेंस मेजरमेंट (अदा) से रणनीतिक प्रभाव संकेतक स्थापित करने, एजेंसियों के लक्ष्यों का आकलन करने और सार्वजनिक प्रदर्शन पर वार्षिक मंच आयोजित करने का आग्रह किया। यह संस्थागत विकास से जुड़ा निर्देश है। रिपोर्ट में संकेतकों की संख्या, स्वरूप या मंच की तारीख नहीं बताई गई।

आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्र में कौन-से निर्देश दिए गए? वाणिज्य मंत्रालय को स्टार्टअप प्रक्रियाओं को सरल बनाने, इलेक्ट्रॉनिक भुगतान विधियों की व्यापक स्वीकार्यता अनिवार्य करने तथा वैट के स्पष्ट प्रदर्शन और उपभोक्ता विवाद तंत्र को लागू करने के निर्देश दिए गए। ऊर्जा मंत्रालय को नवीकरणीय और पारंपरिक क्षमताओं के संतुलन, डेटा सेंटरों के लिए ग्रिड तैयारी, ग्रीन हाइड्रोजन मांग आकलन और औद्योगिक शहरों के लिए गैस आपूर्ति परियोजनाओं की गति बढ़ाने के निर्देश मिले।

इस्लामिक मामलों और संसदीय कूटनीति पर क्या जानकारी दी गई? मंत्रालय ऑफ इस्लामिक अफेयर्स, दावा एंड गाइडेंस तथा जनरल प्रेसीडेंसी ऑफ इस्लामिक रिसर्च एंड इफ्ता से डिजिटल आर्काइविंग, परिचालन केपीआई, गैर-लाभकारी क्षेत्र की भागीदारी और रमजान में इमामों की अंतरराष्ट्रीय तैनाती का विस्तार करने को कहा गया, जिससे मॉडरेशन को बढ़ावा मिले। काउंसिल ने 135 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संसदीय कूटनीति गतिविधियों में भाग लिया। रिपोर्ट में इन गतिविधियों में शामिल देशों या संसदों का विवरण नहीं है।