सऊदी अरब की राजधानी रियाद से जारी एक आधिकारिक सूचना के अनुसार, कैपिटल मार्केट अथॉरिटी (सीएमए) ने पूंजी बाजार से जुड़े सभी इच्छुक पक्षों और प्रतिभागियों को विशेष प्रयोजन संस्थाओं (स्पेशल परपस एंटिटीज़ – एसपीई) के शासन को बेहतर बनाने और उनकी प्रक्रियाओं को सुगम बनाने संबंधी मसौदे पर अपनी राय देने के लिए आमंत्रित किया है। सार्वजनिक परामर्श अवधि 30 कैलेंडर दिनों तक खुली रहेगी, जो 01/11/1446 हिजरी, यानी 29 अप्रैल 2025 को समाप्त होगी।
जैसा कि सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए ने बताया, यह मसौदा विशेष प्रयोजन संस्थाओं को ऋण साधनों और निवेश इकाइयों को जारी करने के लिए कानूनी संस्थाओं के रूप में अधिक आकर्षक बनाने का लक्ष्य रखता है। इसके लिए उनके शासन को बेहतर बनाया जाएगा और उनकी प्रक्रियाओं को सरल किया जाएगा। यह कदम सीएमए के उन रणनीतिक लक्ष्यों का समर्थन करता है, जिनके तहत सुकुक और ऋण साधन बाजार का विकास तथा परिसंपत्ति प्रबंधन उद्योग के विस्तार को संभव बनाया जाना है।
क्या यह पहल सऊदी पूंजी बाजार में सुकुक और ऋण साधनों की गहराई बढ़ाने में सक्षम होगी? सीएमए के अनुसार, इससे सुकुक और ऋण साधन बाजार को और गहरा करने, एसपीई के माध्यम से ऋण जारी करने वालों के आधार का विस्तार करके निर्गमों में विविधता लाने तथा अंततः बाजार में तरलता बढ़ाने और नए निवेश अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी।
मसौदे में प्रस्तावित प्रमुख बदलाव
मसौदे में कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें पात्र जारीकर्ताओं की श्रेणी का विस्तार करना शामिल है, बशर्ते यह संस्था की गतिविधि को नियंत्रित करने वाले लागू कानूनों और विनियमों के साथ टकराव न करे। संशोधनों के तहत एसपीई को सार्वजनिक और निजी निर्गमों के अतिरिक्त छूट प्राप्त निर्गमों (एक्ज़ेम्प्ट ऑफरिंग्स) के माध्यम से भी ऋण साधन पेश करने की अनुमति दी जाएगी।
इसके अलावा, संशोधन एसपीई को प्रतिभूतिकरण (सेक्यूरिटाइज़ेशन) गतिविधियों में शामिल होने की सुविधा देते हैं, जो जारीकर्ताओं की श्रेणी को व्यापक बनाने के प्रयासों का हिस्सा है। क्या इससे नए प्रकार के जारीकर्ताओं को बाजार में उतरने का मौका मिलेगा?
प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य एसपीई के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाना और संस्था के उप-विधान (बाय-लॉज़) में निदेशकों तथा फंड मैनेजर (उन फंडों के लिए जो विशेष प्रयोजन संस्था का रूप लेते हैं) की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना भी है।
इसके अतिरिक्त, संशोधनों का लक्ष्य शासन को बेहतर बनाना है। इसके लिए ट्रस्टी के कानूनी संस्था होने की अनिवार्यता, ट्रस्टी को हटाने के प्रावधानों में सुधार, बोर्ड सदस्यों की प्रायोजक (स्पॉन्सर) और मूल संस्था (ओरिजिनेटर) से स्वतंत्रता सुनिश्चित करना तथा संस्था के विघटन (डिसॉल्यूशन) की प्रक्रियाओं को विकसित करना शामिल है।
सीएमए की परिभाषा के अनुसार, विशेष प्रयोजन संस्था वह संस्था है जिसकी स्थापना और लाइसेंसिंग सीएमए द्वारा की जाती है। यह परिभाषा मसौदे में दी गई है, हालांकि एसपीए की खबर में इसका पूरा विवरण उपलब्ध नहीं है।
क्या ट्रस्टी की कानूनी संस्था के रूप में अनिवार्यता से एसपीई के संचालन में पारदर्शिता आएगी? मसौदे के अनुसार, ट्रस्टी को हटाने के प्रावधानों में सुधार और बोर्ड सदस्यों की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने जैसे कदम इसी दिशा में उठाए जा रहे हैं।
सार्वजनिक परामर्श अवधि 30 कैलेंडर दिनों की है, जो 01/11/1446 हिजरी यानी 29 अप्रैल 2025 को समाप्त होगी। इस अवधि के दौरान पूंजी बाजार से जुड़े सभी इच्छुक पक्ष और प्रतिभागी मसौदे पर अपने विचार प्रस्तुत कर सकते हैं।
क्या एसपीई को छूट प्राप्त निर्गमों की अनुमति देने से छोटे और मझोले जारीकर्ताओं को लाभ मिलेगा? सीएमए का कहना है कि इससे ऋण जारी करने वालों का आधार बढ़ेगा और बाजार में तरलता बढ़ाने तथा नए निवेश अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी।
मसौदे का एक अन्य उद्देश्य एसपीई को प्रतिभूतिकरण गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति देना है। यह कदम जारीकर्ताओं की श्रेणी को व्यापक बनाने की कोशिशों का हिस्सा है। क्या प्रतिभूतिकरण से सऊदी बाजार में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे?
सीएमए ने यह भी स्पष्ट किया है कि संशोधनों का उद्देश्य एसपीई के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाना और उप-विधान में निदेशकों तथा फंड मैनेजर की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना है। यह उन फंडों पर भी लागू होगा जो विशेष प्रयोजन संस्था का रूप लेते हैं।
शासन सुधार के तहत ट्रस्टी को कानूनी संस्था होने की अनिवार्यता, ट्रस्टी को हटाने के प्रावधानों में सुधार, बोर्ड सदस्यों की प्रायोजक और मूल संस्था से स्वतंत्रता तथा संस्था के विघटन की प्रक्रियाओं का विकास शामिल है। क्या इन उपायों से एसपीई में निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा?
यह मसौदा सीएमए के उन रणनीतिक लक्ष्यों से जुड़ा है, जिनके तहत सुकुक और ऋण साधन बाजार का विकास तथा परिसंपत्ति प्रबंधन उद्योग के विकास को संभव बनाया जाना है। सीएमए के अनुसार, इससे सुकुक और ऋण साधन बाजार की गहराई बढ़ेगी, एसपीई के माध्यम से ऋण जारी करने वालों के आधार का विस्तार होगा और बाजार में तरलता बढ़ेगी।
सीएमए ने सभी इच्छुक पक्षों और पूंजी बाजार के प्रतिभागियों को मसौदे पर अपनी राय देने के लिए आमंत्रित किया है। परामर्श अवधि 29 अप्रैल 2025 तक खुली रहेगी। क्या आप भी इस मसौदे पर अपनी राय देना चाहेंगे?
एसपीए की खबर में यह नहीं बताया गया है कि मसौदे पर कितने प्रतिभागियों ने प्रतिक्रिया दी है, न ही यह कि संशोधनों के लागू होने की कोई समय-सीमा तय की गई है। खबर में एसपीई की संख्या, बाजार में उनकी हिस्सेदारी या प्रस्तावित बदलावों के वित्तीय प्रभाव का कोई आंकड़ा भी नहीं दिया गया है।
सार्वजनिक परामर्श अवधि कितनी है और कब समाप्त होगी? सीएमए के अनुसार, सार्वजनिक परामर्श अवधि 30 कैलेंडर दिनों की है, जो 01/11/1446 हिजरी यानी 29 अप्रैल 2025 को समाप्त होगी। इस अवधि के दौरान पूंजी बाजार से जुड़े सभी इच्छुक पक्ष और प्रतिभागी मसौदे पर अपने विचार प्रस्तुत कर सकते हैं। सीएमए ने सभी इच्छुक पक्षों और प्रतिभागियों को आमंत्रित किया है।
मसौदे का मुख्य उद्देश्य क्या है? मसौदे का उद्देश्य विशेष प्रयोजन संस्थाओं को ऋण साधनों और निवेश इकाइयों को जारी करने के लिए कानूनी संस्थाओं के रूप में अधिक आकर्षक बनाना है। इसके लिए उनके शासन को बेहतर बनाया जाएगा और प्रक्रियाओं को सरल किया जाएगा। यह सीएमए के सुकुक और ऋण साधन बाजार के विकास तथा परिसंपत्ति प्रबंधन उद्योग के विस्तार के रणनीतिक लक्ष्यों का समर्थन करता है।
मसौदे में कौन-से प्रमुख बदलाव प्रस्तावित हैं? मसौदे में पात्र जारीकर्ताओं की श्रेणी का विस्तार, एसपीई को छूट प्राप्त निर्गमों के माध्यम से ऋण साधन पेश करने की अनुमति, प्रतिभूतिकरण गतिविधियों में शामिल होने की सुविधा तथा प्रक्रियाओं को सरल बनाना शामिल है। इसके अलावा उप-विधान में निदेशकों और फंड मैनेजर की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने का प्रावधान है।
शासन सुधार के तहत क्या उपाय प्रस्तावित हैं? शासन सुधार के तहत ट्रस्टी को कानूनी संस्था होने की अनिवार्यता, ट्रस्टी को हटाने के प्रावधानों में सुधार, बोर्ड सदस्यों की प्रायोजक और मूल संस्था से स्वतंत्रता सुनिश्चित करना तथा संस्था के विघटन की प्रक्रियाओं को विकसित करना शामिल है। सीएमए के अनुसार, इन उपायों का उद्देश्य एसपीई के शासन को बेहतर बनाना है।
इस मसौदे से बाजार पर क्या प्रभाव पड़ने की उम्मीद है? सीएमए के अनुसार, इससे सुकुक और ऋण साधन बाजार की गहराई बढ़ेगी, एसपीई के माध्यम से ऋण जारी करने वालों के आधार का विस्तार होगा और निर्गमों में विविधता आएगी। अंततः इससे बाजार में तरलता बढ़ने और नए निवेश अवसर पैदा होने की उम्मीद है। हालांकि, एसपीए की खबर में वित्तीय प्रभाव का कोई आंकड़ा नहीं दिया गया है।
विशेष प्रयोजन संस्था क्या है? सीएमए की परिभाषा के अनुसार, विशेष प्रयोजन संस्था वह संस्था है जिसकी स्थापना और लाइसेंसिंग सीएमए द्वारा की जाती है। यह परिभाषा मसौदे में दी गई है। एसपीए की खबर में इसका पूरा विवरण उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह संस्था ऋण साधनों और निवेश इकाइयों को जारी करने के लिए कानूनी इकाई के रूप में कार्य करती है।